आशा हमें है विश्वास है
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
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रविवार, 21 अप्रैल 2013
शुक्रवार, 21 दिसंबर 2012
''मेरे बांकेबिहारी''

सोने जैसा रूप है तेरा,
तुम पर मैं जायूं वारी
अब तो दर्श दिखाओ
ओ मेरे गिरिधारी
सुन्दर छवि है तेरी
कजरारे हैं तेरे नैन
कब से राह निहारूं
तुम बिन मैं बेचैन
गोकुल हुआ दीवाना
घर बार है सबका छूटा
इंसान हो तुम या देवा
यह भ्रम भी सबका टूटा
नंदलला कहूँ, कन्हैया कहूँ
कृष्णा कहूँ या कहूँ गिरधारी
तुम ही करोगे पार यह नैया
सुनो ओ मेरे बांकेबिहारी
शुक्रवार, 16 नवंबर 2012
!! हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार !!
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार
तू है हम सब का दाता,भरता झोली जो खोली,
करदे कृपा तू ऐसी ,हमरा बेड़ा तू तार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
हम सब पौधे हैं तेरे,तू है हम सब का माली,
शरण लगालो दाता,बनके हमरी सरकार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
हम सब बच्चे हैं तेरे,तू है हम सब का वाली,
तुम पार लगादो नैया ,बनके हमरी पतवार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
हम सब अपने में डूबे तू करता सबकी रखवाली,
यहाँ कोई ना किसी का,हमको तेरी दरकार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
सारे श्रदा से आएँ,सबका तू ही सवाली,
तू है हारे का सहारा,सुनले हमरी पुकार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!!
तू है हम सब का दाता,भरता झोली जो खोली,
करदे कृपा तू ऐसी ,हमरा बेड़ा तू तार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
हम सब पौधे हैं तेरे,तू है हम सब का माली,
शरण लगालो दाता,बनके हमरी सरकार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
हम सब बच्चे हैं तेरे,तू है हम सब का वाली,
तुम पार लगादो नैया ,बनके हमरी पतवार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
हम सब अपने में डूबे तू करता सबकी रखवाली,
यहाँ कोई ना किसी का,हमको तेरी दरकार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!
सारे श्रदा से आएँ,सबका तू ही सवाली,
तू है हारे का सहारा,सुनले हमरी पुकार,
हम सब आए कन्हैया,मिल के तेरे दरबार!!
शनिवार, 20 अक्टूबर 2012
''...पुनि पुनि जन्म मरण से मैं छुटकारा पाऊँ ...''
पुनि पुनि जन्म मरण
से मैं छुटकारा पाऊँ
जिंदगानी अपनी
तेरी शरण लगाऊँ
देह बदल के अपनीना फिर मैं आऊँ
पुनि पुनि जन्म मरण
से मैं छुटकारा पाऊँ
माया जाल में पुनः
ना अब खो जाऊँ
भवसागर से हे हरी
अब यूँ तर जाऊँ
पुनि पुनि जन्म मरण
से मैं छुटकारा पाऊँ
शरणागत को हे प्रभु
अपनी शरण लगाओ
नैया मेरी अब तो
प्रभु पार लगाओ
पुनि पुनि जन्म मरण
से मैं छुटकारा पाऊँ
सोमवार, 15 अक्टूबर 2012
''......प्रार्थना......''
फाल्गुन की फुहार,
अपनों का दुलार,
प्रीतम का प्यार,
रंगों का त्यौहार!
आए तेरे दरबार,
उमंग लिए हज़ार,
पूरी करो करतार,
दुख हरो विघ्नहार!
विनती करो स्वीकार,
तुझ पर मैं निसार,
हम सबके पालनहार
खुशियाँ देना अपार!
तेरी महिमा अपरंपार,
भरो मेरे भंडार,
भूलों के बक्ष्नहार,
सुखी रहे परिवार!
हे दीनों के नाथ,
सिर पर रखना हाथ,
मेरा देना सदा साथ
तुझ बिन मैं अनाथ!!
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अपनों का दुलार,
प्रीतम का प्यार,
रंगों का त्यौहार!
आए तेरे दरबार,
उमंग लिए हज़ार,
पूरी करो करतार,
दुख हरो विघ्नहार!
विनती करो स्वीकार,
तुझ पर मैं निसार,
हम सबके पालनहार
खुशियाँ देना अपार!
तेरी महिमा अपरंपार,
भरो मेरे भंडार,
भूलों के बक्ष्नहार,
सुखी रहे परिवार!
हे दीनों के नाथ,
सिर पर रखना हाथ,
मेरा देना सदा साथ
तुझ बिन मैं अनाथ!!
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शनिवार, 13 अक्टूबर 2012
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